History of Web Browser  – वेब ब्राउज़र का इतिहास

वेब ब्राउज़र का इतिहास 1990 में सर टिम बर्नर्स-ली द्वारा पहले ब्राउज़र 'WorldWideWeb' (बाद में Nexus) के आविष्कार के साथ शुरू हुआ। 1993 के मोज़ेक (Mosaic) ने ग्राफिकल इंटरफेस के साथ वेब को लोकप्रिय बनाया, जिसके बाद नेटस्केप नेविगेटर और इंटरनेट एक्सप्लोरर के बीच जंग हुई। आज, क्रोम (2008) सबसे प्रमुख ब्राउज़र है, जो Firefox, Safari और Edge के साथ एआई सुविधाओं के साथ विकसित हो रहा है।

वेब ब्राउज़र के विकास का विस्तृत इतिहास (History of Web Browsers)
  • 1990: पहला ब्राउज़र (WorldWideWeb): टिम बर्नर्स-ली ने CERN में पहला ब्राउज़र विकसित किया, जिसे बाद में 'Nexus' नाम दिया गया। यह एक बेसिक ग्राफिकल इंटरफेस था  
  • 1993: मोज़ेक (Mosaic) - वेब की शुरुआत: मोज़ेक पहला ब्राउज़र था जिसने इमेज और टेक्स्ट एक साथ दिखाना शुरू किया, जिससे इंटरनेट आम लोगों के लिए आसान हो गया Study.com।
  • 1994-1995: नेटस्केप और ब्राउज़र युद्ध: मार्क आंद्रेसेन द्वारा नेटस्केप नेविगेटर (1994) आया, लेकिन 1995 में माइक्रोसॉफ्ट ने 'इंटरनेट एक्सप्लोरर' (Internet Explorer) को विंडोज के साथ मुफ्त देकर बाज़ार पर कब्ज़ा कर लिया Study.com।
  • 2000 के दशक की शुरुआत: Apple ने 2003 में सफारी (Safari) लॉन्च किया। 2004 में, नेटस्केप के उत्तराधिकारी के रूप में मोज़िला फायरफॉक्स (Firefox) आया, जिसने इंटरनेट एक्सप्लोरर की मोनोपोली को चुनौती दी Study.com।
  • 2008: गूगल क्रोम (Google Chrome): गूगल ने क्रोम लॉन्च किया, जो अपने गति, सरलता और सुरक्षा के कारण तेजी से सबसे लोकप्रिय ब्राउज़र बन गया और 2012 तक बाजार पर हावी हो गया Study.com।
  • 2015-वर्तमान: आधुनिक युग (AI और एज): माइक्रोसॉफ्ट ने इंटरनेट एक्सप्लोरर को बंद कर 2015 में 'एज' (Edge) पेश किया, जिसे बाद में क्रोमियम-आधारित (2020) बना दिया गया। वर्तमान में, ब्राउज़र (जैसे क्रोम, एज) एआई (AI) क्षमताओं (Gemini/Copilot) को एकीकृत कर रहे हैं

  • इसके बाद वर्ष 1992 में Lynx नाम के ब्राउज़र को लांच किया गया। यह एक text-based वेब ब्राउज़र था जो चित्रों को डिस्प्ले नहीं कर पाता था।
  • दुनिया का सबसे पहला ग्राफिकल यूजर इंटरफेस ब्राउज़र NCSA Mosaic था। यह एक लोकप्रिय वेब ब्राउज़र था जिसे 1993 में लांच किया गया था।
  • 1994 में Mosaic ब्राउज़र में कुछ सुधार किये गए थे ताकि इसकी performance और अच्छी हो जाये।
  • वर्ष 1995 में माइक्रोसॉफ्ट ने Internet Explore को लांच किया था। यह माइक्रोसॉफ्ट के द्वारा डिज़ाइन किया गया पहला ब्राउज़र था।
  • 1994 के समय में opera ब्राउज़र पर एक रिसर्च चालू हुई थी और इसे 1996 में लांच किया गया।
  • apple के safari browser को वर्ष 2003 में लांच किया गया था। इस ब्राउज़र को Macintosh कंप्यूटर के लिए डिज़ाइन किया गया था।
  • 2004 में मोज़िला ने फ़ायरफ़ॉक्स को लांच किया था।
  • इसके बाद 2007 में Mobile Safari ब्राउज़र को apple मोबाइल के लिए लांच किया गया।
  • 2008 में chrome browser को लांच किया गया। यह एक लोकप्रिय ब्राउज़र है जिसे गूगल के द्वारा डिज़ाइन किया गया था।
  • 2011 में एक तेज गति से काम करने वाले ब्राउज़र को लांच किया गया जिसका नाम Opera Mini था।
  • इसके बाद वर्ष 2015 में माइक्रोसॉफ्ट ने Edge browser को लॉन्च किया था।



वेब ब्राउज़र क्या है?

  • वेब ब्राउज़र एक सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन है जिसका इस्तेमाल इन्टरनेट में मौजूद data और information को एक्सेस करने के लिए किया जाता है।
  • दूसरे शब्दों में कहें तो, “Web Browser एक प्रकार का सॉफ्टवेयर या प्रोग्राम होता है जिसका उपयोग www (वर्ल्ड वाइड वेब) पर उपलब्ध जानकारी का पता लगाने के लिए किया जाता है।”
  • वेब ब्राउज़र के द्वारा हम किसी भी वेबसाइट को access कर सकते हैं और वेबसाइट में मौजूद जानकारी को पढ़ सकते हैं और डाउनलोड भी कर सकते हैं.
  • वर्ल्ड वाइड वेब पर जानकारी फोटो , वीडियो, एनीमेशन और text के रूप में हो सकती है.
  • इसका सबसे अच्छा उदाहरण यही है की आप इस आर्टिकल को एक वेब ब्राउज़र की मदद से ही देख पा रहे है।
  • ब्राउज़र एक प्रोग्राम की तरह होता है जो यूजर के कंप्यूटर या मोबाइल पर चलता है और यूजर के द्वारा मांगी गई जानकारी को डिस्प्ले करता है।
  • जब भी कोई यूजर किसी ब्राउज़र में कुछ इनपुट देता है तो वह ब्राउज़र वेब सर्वर से सम्पर्क करके यूजर को आउटपुट देता है। ब्राउज़र HTTP (हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल) का उपयोग करके इंटरनेट पर वेब सर्वर को request भेजता है।
  • किसी भी ब्राउज़र को काम करने के लिए स्मार्टफोन, कंप्यूटर, टैबलेट जैसे devices की ज़रूरत पड़ती है। इसके अलावा एक ब्राउज़र से जानकारी प्राप्त करने के लिए इंटरनेट कनेक्शन की ज़रूरत पड़ती है।
  • आज के समय में हमारे पास कई प्रकार के वेब ब्राउज़र उपलब्ध है जैसे :- Google Chrome, Microsoft Edge, Mozilla Firefox, और Safari आदि।

Types of Web Browser  – वेब ब्राउज़र के प्रकार


इसके बहुत सारें प्रकार होते हैं जो कि नीचे दिए गये हैं:-

types of web browser in Hindi

1- Opera (ओपेरा)

  • ओपेरा एक वेब ब्राउज़र है जिसका निर्माण वर्ष 1994 में Telenor कंपनी के द्वारा किया गया था।
  • इसके बाद opera को अप्रैल 2015 में ओपेरा सॉफ्टवेयर के द्वारा खरीद लिया गया था।
  • Opera को कंप्यूटर और मोबाइल फ़ोन के लिए डिज़ाइन किया गया था लेकिन अब यह मोबाइल फ़ोन के लिए ज्यादा लोकप्रिय है।
  • यह ब्राउज़र chromium पर आधारित है और यह blink layout engine का उपयोग करता है।

2- Apple Safari (एप्पल सफारी)

  • यह भी एक वेब ब्राउज़र है जिसका इस्तेमाल Mac और Windows ऑपरेटिंग सिस्टम में किया जाता है. इसके अलावा इसका इस्तेमाल iPhone, iPad, और iPod में किया जाता है.

  • सफारी ब्राउज़र का निर्माण वर्ष 2003 में Apple कंपनी के द्वारा किया गया था।

  • इसे मैकबुक, मैक कंप्यूटर, iPad और iPhone जैसे devices में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है।

  • Safari ब्राउज़र वेबकिट इंजन का उपयोग करता है, जिसका उपयोग font को प्रस्तुत करने, ग्राफिक्स को डिस्प्ले करने और पेज लेआउट को निर्धारित करने के लिए किया जाता है।

3- Google Chrome (गूगल क्रोम)

  • गूगल क्रोम एक ओपन सोर्स ब्राउज़र है जिसका निर्माण वर्ष 2008 में गूगल के द्वारा किया गया था।
  • यह एक लोकप्रिय ब्राउज़र है। विश्व में इस ब्राउज़र को सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है.
  • इस ब्राउज़र को विंडोज, लिनक्स, मैक, एंड्रॉइड और IOS ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • यह ब्राउज़र यूजर के लिए सबसे सरल ब्राउज़र माना जाता है जो यूजर के डेटा को सुरक्षित रखता है।
  • इस ब्राउज़र का इंटरफ़ेस भी काफी आसान होता है। गूगल क्रोम लगभग 50 से भी ज्यादा भाषाओ में उपलब्ध है जिसका अर्थ यह है की यूजर अपनी इच्छा अनुसार भाषा चुन सकता है।
  • Google chrome में icognito mode होता है जिसके द्वारा आप private में किसी भी वेबसाइट को access कर सकते हैं.

4- Mozilla Firefox (मोजिल्ला फायरफॉक्स)

  • Mozilla Firefox का निर्माण Mozilla Foundation और उसकी कंपनी मोज़िल्ला कारपोरेशन के द्वारा किया गया था।
  • मोज़िल्ला ब्राउज़र को पहली बार वर्ष 2002 में लांच किया गया था।
  • जिस समय इस ब्राउज़र को लांच किया गया था उस समय इसका नाम phoenix था।
  • यह ब्राउज़र तेज गति से काम करता है और सभी प्रकार के font को सपोर्ट करता है।
  • यह ब्राउज़र chrome की तुलना में कम मात्रा में RAM का उपयोग करता है जो कंप्यूटर के लिए काफी अच्छी बात है।
  • इसका इस्तेमाल mobile phone में भी किया जा सकता है.

5- Internet Explorer (इन्टरनेट एक्सप्लोरर)

  • इस ब्राउज़र का निर्माण Microsoft Corporation के द्वारा किया गया है।
  • इस ब्राउज़र को माइक्रोसॉफ्ट ने वर्ष 1995 विकसित में किया था।
  • यह ब्राउज़र विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम में पहले से ही इनस्टॉल होता था जिसके कारण इसे इनस्टॉल करने की ज़रूरत नहीं पड़ती थी।
  • windows 10 के आने के बाद internet explorer को बंद कर दिया गया है इसकी जगह अब ‘Microsoft Edge’ ने ले ली है.

Functions of Web Browser  – वेब ब्राउज़र के कार्य

1- वेब ब्राउज़र का मुख्य कार्य वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) से जानकारी प्राप्त करना और इस जानकारी को यूजर तक पहुँचाना है।

2- वेब ब्राउज़र का काम यूजर को किसी भी वेबसाइट में विजिट करने में मदद करना होता है।

3- वेब ब्राउज़र की मदद से एक समय पर बहुत सारीं websites को ओपन किया जा सकता है।

4- वेब ब्राउज़र की मदद से यूजर वेबसाइट से फाइलों को download कर सकता है।


Component of Web Browser – वेब ब्राउज़र के घटक

इसके components निचे दिए गए है :-

components of web browser in hindi

1- User Interface

यूजर इंटरफ़ेस एक ऐसा एरिया होता है जिसमे यूजर ब्राउज़र के साथ इंटरैक्ट करने के लिए एड्रेस बार, बैक और फॉरवर्ड बटन, मेनू, बुकमार्किंग जैसे ऑप्शन का उपयोग कर सकता है।

2- Browser Engine

यह UI (यूजर इंटरफेस) और रेंडरिंग इंजन (rendering engine) को ब्रिज के रूप में जोड़ता है। इसके अलावा यह यूजर इंटरफ़ेस से इनपुट के आधार पर रेंडरिंग इंजन को manipulate करता है।

3- Rendering Engine

यह एक प्रकार का इंजन होता है जो ब्राउज़र स्क्रीन पर कंटेंट को डिस्प्ले करता है। यह HTML, XML फ़ाइलों और images को ट्रांसलेट करता है और इनमें मौजूद content को स्क्रीन पर दिखाता है.

4- Networking

नेटवर्किंग HTTP और FTP जैसे इंटरनेट प्रोटोकॉल का उपयोग करके वेबसाइट को open करता है. नेटवर्किंग बहुत उपयोगी घटक है जिसकी मदद से वेबसाइट को open किया जाता है.

5- JavaScript Interpreter

यह जावास्क्रिप्ट कोड को ट्रांसलेट और execute करता है। यह केवल उसी कोड को ट्रांसलेट और execute करता है जो वेबसाइट में मौजूद होता है।

6- UI Backend

इसका उपयोग बेसिक कॉम्बो बॉक्स और विंडोज का निर्माण करने के लिए किया जाता है।

7- Data Storage

डेटा स्टोरेज एक लेयर होती है जिसका इस्तेमाल ब्राउज़र द्वारा सभी सूचनाओं (information) को स्टोर करने के लिए किया जाता है। उदहारण के लिए cookies.


connect for more details:-

youtube: https://www.youtube.com/@gsct5473

website:- http://gsctinstitute.com/

instragram:-https://www.instagram.com/gsct_institute/

facebook:- https://www.facebook.com/p/GSCT-Cyber-Technology-100066692956900/


Comments

Popular posts from this blog

Reasons to Learn English

20 new skills to boost your career